शुक्रवार, 25 मार्च 2016

नकली 'दशभक्त' खीसें निपोर रहे हैं। छि:

 चूँकि इस बृह्माण्ड में त्रुटिहीन  अर्थात दोषरहित कोई वस्तु है ही नहीं , इसलिए सर्वोत्तम समझ-बूझ यही है कि मौजूद तमाम बुराइयों में से किसी एक अल्पतम बुराई को अंगीकृत   कर  आगे बढ़ा जाये ! जैसा कि  अभी-अभी भाजपा  ने कश्मीर में लोकशाही कायम करने के निमित्त किया है। भाजपा और पीडीपी के समक्ष  इसके अलावा और जो भी विकल्प हैं वे इससे  भी बुरे हैं. इसलिए यही एक 'कम बुरा' उपाय दरपेश था जो भाजपा और पीडीपी ने साझा किया है। यह सर्वविदित है कि पीडीपी के  ही एक विधायक ने  श्रीनगर और दिल्ली में सरे आम 'बीफ' पार्टी दी थी।  यह भी सभी को मालूम है कि  इसी पार्टी के कश्मीरी युवाओं ने  कश्मीर में भारतीय सेना पर अनेकों बारे पत्थरबाजी की है।  यह भी सभी ने  टीवी न्यूज और अखवारों में देखा-पढ़ा है कि  यही लोग आये दिन कश्मीर में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे  लगाते  रहे हैं। और पाकिस्तानी झंडा भी फहराते  देखे गए हैं। इन  तमाम बुरी स्मृतियों के वावजूद हर सच्चा देशभक्त यही चाहेगा कि कश्मीर में लोकतंत्र कायम रहे और राष्ट्रपति शासन की नौबत न आये।  कश्मीर की इस राजनैतिक मशक्क्त  को देख सुनकर उन्हें चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए जो जेएनयू को देशद्रोहियों का अड्डा बता रहे हैं। एक -दो कश्मीर लड़कों के हरामीपन से कन्हैया जैसे देशभक्त छात्रों की वैचारिक उचाईयों पर कीचड़ उछाला जा रहा है। देश का तमाम दक्षिणपंथी मीडिया [छि " न्यूज ],बस्सी छाप दिल्ली पुलिस और बीमार मानसिकता के नकली राष्ट्रवादियों ने 'भारत माता की जय 'के नाम पर पूरी भारतीय अस्मिता का घोर अपमान किया  है।  अब कश्मीर में उनके आका  पीडीपी के बीफ खाउ नेताओं के तलवे  चांट रहे हैं तो ये नकली  'दशभक्त' खीसें निपोर रहे हैं। छि " धिकार है  इस साम्प्रदायिक मानसिकता और दोगली  'देशभक्ति'  को !