ताजा खबर है कि भारत के नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात, पुलिस के जवानों को मच्छर बहुत सत्ता रहे हैं। मच्छरों के काटने और स्वच्छ पेय जल नहीं मिलने के कारण मलेरिया,डेंगू ,चिकनगुनियां ,पेचिस,पीलिया इत्यादि बीमारियों ने एमपी छ्ग के पुलिस जवानों को बुरी तरह घेर रखा है। ताज्जुब है कि नक्सलवादियों को ये बीमारियाँ कदापि नहीं व्याप्ती। जबकि उनके पास इन बीमारियों से बचाव के कोई आधुनिक संसाधन भी नहीं होते। श्रीराम तिवारी !
मंगलवार, 12 जुलाई 2016
ताजा खबर है कि भारत के नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात, पुलिस के जवानों को मच्छर बहुत सत्ता रहे हैं। मच्छरों के काटने और स्वच्छ पेय जल नहीं मिलने के कारण मलेरिया,डेंगू ,चिकनगुनियां ,पेचिस,पीलिया इत्यादि बीमारियों ने एमपी छ्ग के पुलिस जवानों को बुरी तरह घेर रखा है। ताज्जुब है कि नक्सलवादियों को ये बीमारियाँ कदापि नहीं व्याप्ती। जबकि उनके पास इन बीमारियों से बचाव के कोई आधुनिक संसाधन भी नहीं होते। श्रीराम तिवारी !
सोमवार, 11 जुलाई 2016
१०-११ जून -२०१६ को अपनी नाइजीरिया यात्रा के दौरान हमारे अति लोकप्रिय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 'दार -ए -सलाम' की एक महती सभा में उपस्थित लगभग २० हजार भारतीय मूल के लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा :- ''भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और सर्वाधिक 'युवा देश' है। भारत की ६५% आबादी ३५ वर्ष की आयु के आसपास है,भारत में दुनिया की सर्वाधिक युवा शक्ति मौजूद है '' सवाल उठना लाजिमी है कि इस उपलब्धि में मोदी जी का क्या योगदान है ? श्रीराम तिवारी
रविवार, 10 जुलाई 2016
आतंकी संगठन 'हिजबुल मुजाहिदीन' के स्वयम्भू शीर्ष कमांडर ' बुरहान बानी'के मारे जाने पर कश्मीरी अलगाववादियों द्वारा कश्मीर में हिंसक हुड़दंग मचाना और पाकिस्तान का बौखलाना कोई नयी बात नहीं ,यह तो उनका स्वाभाविक चरित्र है। किन्तु जेएनयू छात्र उमर खालिद द्वारा आतंकी अलगाववादी -बुरहान बानी की तुलना 'चे ग्वेरा' से करना कोरी बकवास है। इस तरह की घटिया तुलना करने से उमर खालिद की वैचारिक अपरिपक्वता का सहज बोध होता है। बुरहान बानी एक १००% अलगाववादी और मजहबी आतंकी था ,उससे १००% धर्मनिरपेक्ष और सर्वहारा वर्ग के क्रांतिकारी नायक से तुलना करना निहायत ही आपत्तिजनक और निंदनीय है। श्रीराम तिवारी
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