आतंकी संगठन 'हिजबुल मुजाहिदीन' के स्वयम्भू शीर्ष कमांडर ' बुरहान बानी'के मारे जाने पर कश्मीरी अलगाववादियों द्वारा कश्मीर में हिंसक हुड़दंग मचाना और पाकिस्तान का बौखलाना कोई नयी बात नहीं ,यह तो उनका स्वाभाविक चरित्र है। किन्तु जेएनयू छात्र उमर खालिद द्वारा आतंकी अलगाववादी -बुरहान बानी की तुलना 'चे ग्वेरा' से करना कोरी बकवास है। इस तरह की घटिया तुलना करने से उमर खालिद की वैचारिक अपरिपक्वता का सहज बोध होता है। बुरहान बानी एक १००% अलगाववादी और मजहबी आतंकी था ,उससे १००% धर्मनिरपेक्ष और सर्वहारा वर्ग के क्रांतिकारी नायक से तुलना करना निहायत ही आपत्तिजनक और निंदनीय है। श्रीराम तिवारी
रविवार, 10 जुलाई 2016
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