बुधवार, 5 जुलाई 2017


हमारा दुर्लभ मानव शरीर स्वर्ण पात्र के समान है। इसमें पूँजीवादी विकास की मादक मदिरा ,अधिनायकवादी सोच की प्रतिगामी जड़ता और साम्प्रदायिक सोच की अंधभक्ति का जहर भरने के बजाय,क्रांतिकारी सोच का ,नवोन्मेष जागरूकता का और समानता का अमृत भर दो !

रविवार, 2 जुलाई 2017

  1. कल पीएम मोदी जी ने अपने स्वयंभू गौ रक्षकों को मुस्कराकर डांटा था ! आज माननीय राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी महोदय ने भी भीड़ द्वारा की जा रही हिंसा पर अफसोश जताया है !कहीं यह मोदी जी की विदेश यात्रा का असर तो नही?शायद किसी विदेशी मित्र ने भारत में घटित भीड़ हिन्सा का संग्यान लिया हो .जो भी हो अब तो यही कहा जा सकता है कि- बड़ी देर कर दी मेहरवाँ आते आते ..!
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  1. कल पीएम मोदी जी ने अपने स्वयंभू गौ रक्षकों को मुस्कराकर डांटा था ! आज माननीय राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी महोदय ने भी भीड़ द्वारा की जा रही हिंसा पर अफसोश जताया है !कहीं यह मोदी जी की विदेश यात्रा का असर तो नही?शायद किसी विदेशी मित्र ने भारत में घटित भीड़ हिन्सा का संग्यान लिया हो .जो भी हो अब तो यही कहा जा सकता है कि- बड़ी देर कर दी मेहरवाँ आते आते


  2. 2
    एक महिला को गीत गाने नहीं आते थे। जब पड़ौस में कोई शादी आदि का कार्यक्रम होता तो वह यह कह कर जाती थी कि थोड़ी देर बाद मुझे घर से बुलाने आ जाना ।इस तरह वह अपना सम्मान बचा लेती थी। विदेश में जब भीड़ -हिंसा पर काले झंडे दिखाई दिए तो उन्होंने प्यारभरी नसीहत देकर अपना सम्मान बचा लिया।
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    213
    1 घंटा

    .
  3. आक्रामक उद्धाम पूंजीवाद एवं बहुसंख्यक सांप्रदायिक तत्वों की असहिष्णुता ही आधुनिक भारत के नये शुम्भ -निशुम्भ हैं !इन दोनों असुरों को केवल सर्वहारा वर्ग की एकता से उत्पन्न क्रांति रूपी 'महाकाली'ही नष्ट कर सकती है!
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    Prakash Chandra Jain बिल्कुल सही आकलन।
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    11
    1 घंटा
  4. जो शख्स फासिज्म और केपिटलिज्म का जघन्य क्रूर इतिहास नहीं जानता ,जो शख्स विश्व की महत्वपूर्ण क्रांतियों का इतिहास नही जानता ,वो राजनीति का ककहरा भी नही जानता !वह धर्म मजहब की जाnakri का कितना ही ढ़ोंग करे किंतु वह किसी के साथ भी न्याय नही कर सकता !
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    Arun Kumar बिलकुल सही ।
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    22
    8 घंटे
    Akhilesh Choudhary आश्चर्य होता है कि पढ़े लिखे लोग भी झांसे में आ चुके हैं ।
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    33
    7 घंटे
    Ram Chandra Malviya Bhopal आजकल आप सत्य ,कटु सत्य लिख रहे हैं। कुछ प्रसंगों में तो
    आप यथार्थ के निकट भी पहुँचे हैं।
    THANK.YOU VERY MUCH.
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    22
    5 घंटे
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    11
    4 घंटे
  1. जीएसटी के ढ़ेरों फायदे जानने के लिये ZEE NEWS देखें !
    जीएसटी कितना भयानकहै,यह जानने केलिये NDTV देखें !
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  1. Shashank Shekher Bajpai बकिया त जो मन सो हो
    लेकिन
    ये नामुराद GST•••
    ...और देखें
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    11
    6 घंटे
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Bhagyesh Sharma Shukla अभी इस्राइल दौरा है, ,,

वहाँ से वापसी पर कही नमो वो ज्ञान ले आए तो, ,
...और देखें
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2 घंटे
Prakash Chandra Jain एक महिला को गीत गाने नहीं आते थे। जब पड़ौस में कोई शादी आदि का कार्यक्रम होता तो वह यह कह कर जाती थी कि थोड़ी देर बाद मुझे घर से बुलाने आ जाना ।इस तरह वह अपना सम्मान बचा लेती थी। विदेश में जब भीड़ -हिंसा पर काले झंडे दिखाई दिए तो उन्होंने प्यारभरी नसीहत देकर अपना सम्मान बचा लिया।
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जवाब दें36 मिनट
  1. आक्रामक उद्धाम पूंजीवाद एवं बहुसंख्यक सांप्रदायिक तत्वों की असहिष्णुता ही आधुनिक भारत के नये शुम्भ -निशुम्भ हैं !इन दोनों असुरों को केवल सर्वहारा वर्ग की एकता से उत्पन्न क्रांति रूपी 'महाकाली'ही नष्ट कर सकती है!
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    Prakash Chandra Jain बिल्कुल सही आकलन।
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  2. जो शख्स फासिज्म और केपिटलिज्म का जघन्य क्रूर इतिहास नहीं जानता ,जो शख्स विश्व की महत्वपूर्ण क्रांतियों का इतिहास नही जानता ,वो राजनीति का ककहरा भी नही जानता !वह धर्म मजहब की जाnakri का कितना ही ढ़ोंग करे किंतु वह किसी के साथ भी न्याय नही कर सकता !
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    Arun Kumar बिलकुल सही ।
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    Akhilesh Choudhary आश्चर्य होता है कि पढ़े लिखे लोग भी झांसे में आ चुके हैं ।
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    Ram Chandra Malviya Bhopal आजकल आप सत्य ,कटु सत्य लिख रहे हैं। कुछ प्रसंगों में तो
    आप यथार्थ के निकट भी पहुँचे हैं।
    THANK.YOU VERY MUCH.
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  1. जीएसटी के ढ़ेरों फायदे जानने के लिये ZEE NEWS देखें !
    जीएसटी कितना भयानकहै,यह जानने केलिये NDTV देखें !
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  1. Shashank Shekher Bajpai बकिया त जो मन सो हो
    लेकिन
    ये नामुराद GST•••
    ...और देखें
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